शब्दार्थ
हर-ख़ाक
har-khaak
hinoun phrase
अर्थ
धूल का हर कण; प्रत्येक मिट्टी।
विस्तार
फ़ारसी के 'हर' (प्रत्येक) और 'ख़ाक' (धूल या मिट्टी) से बना यह शब्द ज़मीन के प्रत्येक ज़र्रे को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में यह 'कफ़-ए-हर-ख़ाक-ए-गुलशन' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ महबूब की आमद की कल्पना से बाग़ की सारी मिट्टी हथेली की तरह कुमरी बनकर विलाप करने लगती है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'har' (each/every) + 'khāk' (dust/earth).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, compounds with 'khaak' evoke human fragility, devotion, and the all-pervading influence of the beloved across the earth.
उदाहरण
हर-ख़ाक-ए-रहगुज़र पे निशाँ उस क़दम के हैं
हर-ख़ाक के ज़र्रे में छुपा इक जहाँ मिला
समानार्थी
ज़र्रा-ज़र्राहर-ज़र्रामुश्त-ए-ख़ाक
संबंधित शब्द
ख़ाकगुलशनग़ुबारकफ़-ए-ख़ाक
