शब्दार्थ
हजारों
hazāroñ
hiविशेषण / संज्ञा (numeral / nou
अर्थ
हज़ारों; अनगिनत; अत्यधिक संख्या में।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'हज़ारों' का प्रयोग प्रायः अतिशयोक्ति के रूप में असीम भावनाओं, विरह या उत्कंठा को व्यक्त करने के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में यह प्रेमी या साधक के माथे पर तड़पते हुए असंख्य सजदों और अगाध आस्था की तीव्रता को दर्शाता है। यह शाब्दिक संख्या के बजाय समर्पण और इबादत की असीमित व्याकुलता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Persian 'hazār' (thousand) merged with the Indo-Aryan plural oblique inflection '-oñ'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it serves as an emphatic device to convey an insurmountable accumulation of desires, wounds, or prayers.
उदाहरण
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
हज़ारों रंग बदलता है आसमाँ कैसा
समानार्थी
अनगिनतबेशुमारलातादाद
संबंधित शब्द
हज़ारलाखोंसैकड़ों
