शब्दार्थ

हक़-शनासों

haq-shanāsoñ

hinoun

अर्थ

सत्य या ईश्वर को पहचानने वाले; तत्वदर्शी; ज्ञानी।

विस्तार

यह अरबी शब्द 'हक़' (सत्य/ईश्वर) और फ़ारसी 'शनास' (जानने वाला) का सामासिक रूप है, जो यहाँ बहुवचन में आया है। सूफ़ी और शास्त्रीय काव्य में इसका उपयोग उन तत्वदर्शियों व आरिफ़ों के लिए होता है जो ईश्वर के गूढ़ रहस्य को समझते हैं। इस शेर में इसका भाव है कि सच्चे साधक और रहस्यवादी प्रेम को ही परमात्मा का साक्षात रूप मानते हैं।

व्युत्पत्ति

Arabic 'ḥaqq' (truth, reality, God) + Persian 'shinās' (recognizing, knowing, from the verb shinākhtan).

प्रयोग

In ghazal poetry, it is commonly used to contrast true spiritual knowers with superficial formalists or dogmatic religious authorities.

उदाहरण

हक़-शनासों की महफ़िल में दुनियावी बातें नहीं होतीं।

यह राज़ वही समझेगा जो हक़-शनास होगा।

समानार्थी

आरिफ़ोंतत्वदर्शियोंहक़-बीनोंअहले-हक़

संबंधित शब्द

हक़शनासहक़-शनासीमारिफ़त
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