शब्दार्थ
हक़-ना-शनास
haq-na-shanas
hiadjective
अर्थ
सच्चाई या न्याय की अनदेखी करने वाला; कृतघ्न
विस्तार
इसका अर्थ है वह व्यक्ति जो सच्चाई, न्याय या दूसरों के हक़ को न पहचाने अथवा कृतघ्न हो। प्रस्तुत शेर में यह शब्द माशूक़ की बेरुखी और न्यायविहीन व्यवहार की निंदा के लिए प्रयुक्त हुआ है। यह प्रेम में सच्चे अधिकारों वफ़ादारी की अनदेखी करने वाले के लिए बोला जाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'haqq' (truth, right, justice) + Persian negative prefix 'nā-' + Persian 'shinās' (recognizer, from shinākhtan).
प्रयोग
In ghazal poetry, it is frequently employed as an accusation against the indifferent and tyrannical beloved who disregards the lover's genuine rights and devotion.
उदाहरण
हक़-ना-शनास ज़माने से वफ़ा की उम्मीद न रख
दिल-ए-बेदर्द निकला अजब हक़-ना-शनास
समानार्थी
हक़-फ़रामोशनाशुक्राबेइंसाफ़नाक़द्र-दान
संबंधित शब्द
हक़-शनासना-शनासहक़बे-गुनह-कुश
