शब्दार्थ
हक़्क़
haqq
hinoun
अर्थ
अधिकार, दावा, सच्चाई या कर्तव्य और ऋण।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'हक़्क़' का आशय अधिकार, सत्य, या किसी संबंध के प्रति नैतिक दायित्व और कर्तव्य से होता है। इस शे'र में यह 'हक़्क़-ए-सोहबत' के रूप में आया है, जिसका अर्थ साथ निभाने का कर्तव्य या संगति का हक़ है। यहाँ आशिक़ दोस्तों के प्रति अपनी विवशता और पुराने संबंधों के प्रति कर्तव्य भूल जाने की बात करता है।
व्युत्पत्ति
From the Arabic root ḥ-q-q (ح-ق-ق), meaning to be true, established, just, or necessary.
प्रयोग
Frequently used in the ghazal tradition both mystically to denote God (the Ultimate Truth) and socially to represent the sacred claims of companionship and fidelity.
उदाहरण
हक़्क़-ए-वफ़ा अदा न हुआ उम्र भर कभी।
जो हक़्क़ पे था वही रुसवा जहाँ में ठहरा।
समानार्थी
अधिकारदावाफ़र्ज़सत्य
संबंधित शब्द
हक़ीक़तहक़दारहक़-परस्तना-हक़
