शब्दार्थ

हँसती

hanstī

hiverb

अर्थ

हँसती हुई, मुस्कुराती हुई या क्षणिक चमकती हुई।

विस्तार

काव्य में 'हँसती' का तात्पर्य हँसने, मुस्कुराने या क्षणिक चमक बिखरने से है। इस शेर में बिजली का हँसना उसकी क्षणभंगुर चमक का मानवीकरण है, जो जीवन की अल्पता और नश्वरता की ओर संकेत करता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit root 'हस्' (has - to laugh), via Prakrit into Old Hindi/Urdu 'हँसना' (hansnā).

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, the laughter of lightning (barq) is frequently personified to symbolize both dazzling brilliance and transient, destructive brevity.

उदाहरण

बर्क़ हँसती रही चमन के हाल पर

हँसती आँखों में छुपा अश्क-ए-रवाँ

समानार्थी

मुस्कुरातीखिलखिलातीदमकती

संबंधित शब्द

हँसनाहँसीतबस्सुमख़ंदा
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