शब्दार्थ
हासिद
hāsid
hinoun
अर्थ
ईर्ष्यालु, डाह करने वाला व्यक्ति, हसद करने वाला।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'हासिद' उस ईर्ष्या रखने वाले व्यक्ति को कहते हैं जिसकी नज़र सदैव आलोचनात्मक और पैनी होती है। इस शेर में शायर आत्म-निरीक्षण के लिए हासिद की इसी तीक्ष्ण दृष्टि को उधार लेने की बात करता है। यह विरोधी की सूक्ष्म दृष्टि को अपने आंतरिक सत्य को परखने का साधन बनाने की अनोखी कल्पना है।
व्युत्पत्ति
Arabic (حاسد), active participle derived from the trilateral root ḥ-s-d (ح-س-د), meaning 'to envy' or 'to begrudge'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, the 'hasid' appears alongside the 'raqib' (rival) and 'aghyar' (strangers) as an antagonistic worldly figure whose spiteful gaze threatens the lover's bliss.
उदाहरण
चश्म-ए-हासिद से महफ़ूज़ रहना
हासिदों के शर से ख़ुदा बचाए
समानार्थी
ईर्ष्यालुजलनखोरबदख़्वाहरक़ीब
संबंधित शब्द
हसदहसूदबुग़्ज़
