शब्दार्थ
हैरत-मता
hairat-matā'
hinoun (compound)
अर्थ
आश्चर्य अथवा विस्मय रूपी पूँजी या धन।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में यह विस्मय और आश्चर्य को एक पूँजी या माल के रूप में निरूपित करता है। प्रस्तुत शेर में यह सांसारिक लालच की दौलत के बरक्स आशिक़ या साधक की आंतरिक पूँजी है, जो नफ़ा-नुक़सान के बाज़ार में केवल अचरज का सौदा करती है।
व्युत्पत्ति
Arabic: 'hairat' (حيرة, astonishment, wonder) + 'matā'' (متاع, goods, merchandise, wealth, belongings).
प्रयोग
Commonly used in philosophical and Sufistic ghazals to express the transcendent state where spiritual wonder displaces all worldly possessions.
उदाहरण
हैरत-मता-ए-दहर
दिल-ए-हैरत-मता
समानार्थी
सरमाया-ए-हैरतदौलत-ए-ताज्जुबगंज-ए-विस्मय
संबंधित शब्द
मता-ए-दर्दहैरत-फ़रोशक़माश
