शब्दार्थ
हुजूम-ए-दर्द-ए-ग़रीबी
hujum-e-dard-e-ghareebi
hinoun
अर्थ
गरीबी के दर्द की भीड़, एक भरी हुई भावनात्मक बोझ।
विस्तार
यह वाक्यांश उन लोगों द्वारा अनुभव किए गए सामूहिक दुख और भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाता है। यह कठिनाइयों और चुनौतियों के बोझ को उजागर करता है, जो किसी की चेतना को घेर सकती हैं, और विजयी स्थितियों के खिलाफ जीवन के संघर्ष को प्रस्तुत करता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic 'هَجُمَ' (hujuma) meaning crowd or swarm, 'درد' (dard) meaning pain, 'غریبی' (ghareebi) meaning poverty.
प्रयोग
Commonly found in poetry depicting social issues and the human condition under socio-economic pressures.
उदाहरण
गरीबी के दर्द-ए-हुजूम में, उम्मीदें एक नाज़ुक आंच की तरह जलती हैं।
हर आह में, हम दोनों ने साथ मिलकर जो दर्द सहा।
समानार्थी
संघर्षदुखपीड़ा
संबंधित शब्द
ग़रीबीदुखव्यथा
