शब्दार्थ
हुक्म-जारी
hukm-jaari
hinoun phrase
अर्थ
आदेश या फरमान का लागू होना।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ किसी न्यायिक या शाही आदेश का लागू होना है। प्रस्तुत शे'र में यह इश्क़ की अदालत द्वारा प्रेमी को गवाही देने के लिए रोने (अश्क-बारी) के आधिकारिक आदेश को दर्शाता है। यहाँ विरह की पीड़ा को एक कानूनी अनिवार्यता के रूप में चित्रित किया गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic: 'ḥukm' (command, judgement) + 'jārī' (flowing, operative, in force).
प्रयोग
Commonly used in ghazal poetry within juridical or royal motifs to depict love or fate as an unyielding court that imposes inevitable grief on the lover.
उदाहरण
अदालत से हुक्म-जारी होते ही सब हरकत में आ गए।
कू-ए-यार में हर आशिक़ पर हुक्म-जारी था।
समानार्थी
हुक्म-ए-नाफ़िज़अमली-हुक्मफ़रमान-ए-शाही
संबंधित शब्द
हुक्मजारीफ़रमानअश्क-बारी
