शब्दार्थ

हाए-तन्हाई

hā-e-tanhāī

hinoun phrase

अर्थ

हाय यह अकेलापन!; एकांत और वियोग का दुखद विलाप।

विस्तार

यह 'हाए' (अफ़सोस या आह) और 'तन्हाई' (एकांत) से बना विलापसूचक शब्द है, जो अत्यधिक विरह-वेदना को प्रकट करता है। इस शे'र में यह शब्द विरह की उस असहनीय और लंबी रात के संताप को दर्शाता है, जिसे काटना फ़रहाद के दूध की नहर निकालने जैसा दुष्कर कार्य है।

व्युत्पत्ति

Persian: composed of the Persian interjection 'hāy' (alas, sigh) and 'tanhāī' (solitude, abstract noun from 'tanhā', alone).

प्रयोग

Used in the ghazal to dramatize the lover's despair and existential suffering during desolate nights of separation from the beloved.

उदाहरण

हाए-तन्हाई का यह आलम कि कोई दमसाज़ नहीं।

दिल में रात भर हाए-तन्हाई की सदा गूँजती रही।

समानार्थी

दर्द-ए-तन्हाईमातम-ए-तन्हाईसोज़-ए-तन्हाई

संबंधित शब्द

सख़्त-जानीशब-ए-फ़ुर्क़तबे-कसीग़म-ए-हिज्र
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