शब्दार्थ
हा
haa-e
hisuffix
अर्थ
फ़ारसी बहुवचन प्रत्यय, जो अधिकता या विविधता दर्शाता है।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'हा' (इज़ाफ़त के साथ 'हा-ए') भाववाचक संज्ञाओं के लिए बहुवचन प्रत्यय के रूप में प्रयुक्त होता है। ग़ालिब के इस शेर में यह 'रंग-रेज़ी' से जुड़कर 'रंग-रेज़ी-हा-ए-ख़ुद-बेनी' बनाता है, जिसका अर्थ है आत्म-मुग्धता के अनगिनत रंग और स्वांग। यह प्रत्यय शेर में भाषा को शास्त्रीय गंभीरता और विस्तार प्रदान करता है।
व्युत्पत्ति
Persian plural marker suffix '-hā' (ـہا).
प्रयोग
Regularly appended to Persian verbal nouns and abstractions in classical ghazal to express multiplicity or an intensified state.
उदाहरण
नुक्ता-हा-ए-शौक़ (शौक़ के बारीक नुक्ते)
नाला-हा-ए-दिल (दिल की अनेक फ़रियादें)
समानार्थी
हा-एकसरतअनवा
संबंधित शब्द
इज़ाफ़तरंग-रेज़ीख़ुद-बेनी
