शब्दार्थ
हाँ
haan
hiadverb
अर्थ
यहाँ, किसी के घर अथवा स्थान पर।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'हाँ' का प्रयोग अक्सर 'यहाँ' यानी किसी के स्थान, घर या दरबार के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शेर में 'उस के हाँ का' से आशय माशूक़ के दर अथवा घर से है, जहाँ सूर्य जैसा तेजस्वी भी मात्र झाड़ू लगाने वाला सेवक बताया गया है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'इह' (iha) / Prakrit 'इहं', evolving into Old Hindi/Braj 'इहाँ'/'यहाँ', colloquially shortened to 'हाँ'.
प्रयोग
In ghazal poetry, the phrase 'us ke haan' conventionally signifies the beloved's inaccessible threshold or elevated palace.
उदाहरण
कल हमारे हाँ एक महफ़िल सजेगी।
तेरे हाँ का नज़ारा ही कुछ और है।
समानार्थी
यहाँदरमकानठिकाना
संबंधित शब्द
यहाँके हाँकहाँ
