शब्दार्थ

सहर-गाही

sahar-gāhī

hiadjective

अर्थ

सवेरे या भोर के समय से संबंधित।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'सहर-गाही' का अर्थ भोर या प्रातःकाल से जुड़ी किसी बात या अवस्था से है। इस शेर में 'नवा-हा-ए-सहर-गाही' से आशय कवि की उन सुबह की सदाओं या प्रार्थनाओं से है जो सोए हुए जज़्बे को फिर से जगाने की ताक़त रखती हैं। यह शब्द अक्सर रूहानी बेदारी और गहरी तड़प को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

अरबी शब्द 'सहर' (भोर/सुबह) तथा फ़ारसी प्रत्यय '-गाह' (समय/स्थान) और निस्बती 'ई' का संयोजन।

प्रयोग

Classical poets frequently invoke the dawn hours (sahar-gahi) as the most poignant time for mystical prayers, lovers' sighs, and spiritual rejuvenation.

उदाहरण

आह-ए-सहर-गाही का असर अर्श तक पहुँचता है।

नवा-ए-सहर-गाही से चमन में बेदारी आई।

समानार्थी

सुब्ह-गाहीप्रातःकालीनसवेरे का

संबंधित शब्द

सहरसहर-गाहसहर-ख़ेज़नवा
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