शब्दार्थ
सहरी
saharī
hiadjective
अर्थ
सुबह का; प्रभात अथवा भोर से संबंधित।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'सहरी' का अर्थ भोर या सुबह से संबंधित होता है। यह प्रायः 'चराग़-ए-सहरी' (सुबह का चिराग़) के रूप में प्रयुक्त होता है, जो बुझने की कगार पर खड़े जीवन और नश्वरता का प्रसिद्ध रूपक है। प्रस्तुत शेर में यह आशिक़ की अंतिम सांसों और उसकी अत्यंत नाज़ुक स्थिति की ओर संकेत करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'saḥar' (dawn) + Persian adjectival suffix '-ī'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is almost invariably paired with 'charagh' (lamp) to symbolize the fragile last moments of a dying lover.
उदाहरण
दम-ए-रुख़्सत था चराग़-ए-सहरी जैसा हाल
सहरी हवा ने जब ज़ुल्फ़ को छुआ
समानार्थी
प्रभात-कालीनसुबह काबामदादी
संबंधित शब्द
सहरचराग़-ए-सहरीसुबह
