शब्दार्थ
सरकशी
sarkashī
hinoun, feminine
अर्थ
विद्रोह, नाफ़रमानी, अकड़ या अहंकार।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ है सिर उठाना, यानी नाफ़रमानी, अहंकार या विद्रोह। इस शे'र में यह उस अकड़ और घमंड को व्यक्त करता है जो महफ़िल में रुसवाई या दाग़ का सबब बनती है। शायर शम्अ की मानिंद गर्दन की रग जलाकर इस अहंकार को मिटाने की बात करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: composed of 'sar' (head) + 'kash' (from kashīdan, to draw/pull) + abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
Frequently used in classical ghazals to contrast the arrogant defiance of the beloved or worldly ego with the submissive humility required in mystical love.
उदाहरण
इश्क़ की राह में दिल की सरकशी काम नहीं आती।
सरकशी छोड़ कर आजिज़ बन जाना ही बेहतर है।
समानार्थी
बग़ावतविद्रोहनाफ़रमानीअकड़
संबंधित शब्द
सरकशग़ुरूरअनारग-ए-गर्दन
