शब्दार्थ

सरक

sarak

hiverb

अर्थ

खिसकना, अपनी जगह से धीरे-से हटना या ढलकना।

विस्तार

प्रस्तुत शेर में 'सरक' का तात्पर्य महबूब के दमकते चेहरे से नक़ाब के धीरे से हट जाने या खिसक जाने से है। यह एक नाज़ुक और अनपेक्षित बेपर्दगी को दर्शाता है जिससे हुस्न का नूर ज़ाहिर हो जाता है। इस जलवे के सामने शर्मिंदा होकर बाग़ का गुलाब पिघल कर बह जाता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit root 'सृ' (sṛ, meaning to flow, move, or glide), via Prakrit 'सरइ' (sarai), giving rise to Hindustani 'सरकना'.

प्रयोग

In classical Urdu poetry, it is standardly employed to evoke the subtle, teasing movement of a veil (बुर्क़ा/नक़ाब) or garment.

उदाहरण

रुख़ से आँचल का ज़रा सरक जाना

पाँव तले से ज़मीं का सरकना

समानार्थी

खिसकढलकहट

संबंधित शब्द

सरकनासरकानाखिसकना
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