शब्दार्थ
सरिश्त
sarisht
hinoun (feminine)
अर्थ
प्रकृति, स्वभाव, मूल प्रवृत्ति या फ़ितरत।
विस्तार
यह शब्द मनुष्य की अंतर्निहित प्रकृति, स्वभाव या उसके मूल खमीर को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में शायर कहता है कि आवारगी और बेचैनी उसके वजूद की बुनियादी फ़ितरत है, जो बवंडर की तरह शांत नहीं हो सकती। यह शब्द व्यक्ति के जन्मजात स्वभाव और नियति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'سرشت' (sirisht/sarisht), past participle/stem of 'sirishtan' (to knead, mix, create).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, 'sarisht' is frequently invoked to contemplate human nature, predestination, and the original clay out of which humanity was sculpted.
उदाहरण
वफ़ा नहीं है तिरी सरिश्त में शायद
सरिश्त-ए-आदम में ख़ाक की आजिज़ी है
समानार्थी
फ़ितरततबीयतमिज़ाजस्वभाव
संबंधित शब्द
ख़मीरतिनतफ़ितरी
