शब्दार्थ

सर्वत

sarvat

hinoun, feminine

अर्थ

धन-दौलत, समृद्धि, प्रचुरता या भौतिक संपन्नता।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'सर्वत' का अर्थ अकूत धन-दौलत, माल या सांसारिक संपन्नता है। प्रस्तुत शेर में यह 'जाह-ओ-सर्वत' (मान-सम्मान और दौलत) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जो दुनियावी शान-ओ-शौकत और भौतिक वैभव का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

Arabic root th-r-w (ثَرْوَة, tharwah), meaning wealth, abundance, or riches.

प्रयोग

It is very commonly joined with 'jāh' (rank/prestige) as 'jāh-o-sarvat' to symbolize the fleeting nature of worldly opulence in contrast to spiritual or poetic integrity.

उदाहरण

जाह-ओ-सर्वत की हवस मिटती नहीं

न सर्वत काम आई न कोई तख़्त-ओ-ताज

समानार्थी

दौलतमालज़रअमीरी

संबंधित शब्द

जाह-ओ-सर्वतसर्वतमंदसर-ओ-सामाँ
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