शब्दार्थ
सर-ब-पा
sar-ba-pā
hiadverbial phrase
अर्थ
सिर से पैर तक; अथवा चरणों में सिर झुकाना।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'सर-ब-पा' का अर्थ सिर से पाँव तक पूर्ण रूप से, अथवा महबूब के चरणों में सिर झुकाए रखना होता है। प्रस्तुत शे'र में इसका प्रयोग फूल के चरणों में साए की भाँति सिर रखकर पड़े रहने यानी संपूर्ण समर्पण की स्थिति को व्यक्त करने के लिए हुआ है। यह इश्क़ में विनम्रता और आत्म-समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'sar' (head), the preposition 'ba' (to/at), and 'pā' (foot).
प्रयोग
Commonly invoked in the ghazal to paint a posture of extreme adoration, servitude, or total absorption in the beloved.
उदाहरण
सर-ब-पा तस्लीम-ओ-रज़ा होना
सर-ब-पा-ए-यार पड़े रहना
समानार्थी
सरापासर-ता-पानतमस्तक
संबंधित शब्द
पा-बोससज्दाइताअतख़ाकसार
