शब्दार्थ

सर-ब-कफ़

sar-ba-kaf

hiadjective

अर्थ

हथेली पर सिर रखे हुए; जान न्योछावर करने को तत्पर।

विस्तार

शाब्दिक रूप से इसका अर्थ 'हथेली पर सिर लिए हुए' है, जो किसी उच्च आदर्श के लिए जान न्योछावर करने की तत्परता को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में इक़बाल ने लाखों विचारमग्न दार्शनिकों ('सर-ब-जेब') के मुक़ाबले कर्मठ, साहसी और जान की बाज़ी लगाने वाले हज़रत मूसा ('कलीम') के जज़्बे को रेखांकित करने के लिए इसका प्रयोग किया है।

व्युत्पत्ति

Persian compound: 'sar' (head) + 'ba' (in/with) + 'kaf' (palm of the hand).

प्रयोग

In classical and modern Urdu poetry, this compound is frequently used to evoke revolutionary zeal, martyrdom, and the courage of selfless lovers.

उदाहरण

सर-ब-कफ़ होकर मैदान-ए-अमल में उतरना

हक़ की ख़ातिर सर-ब-कफ़ निकल पड़े परवाने

समानार्थी

जाँ-ब-कफ़फ़िदाईजाँ-निसार

संबंधित शब्द

सर-ब-जेबकफ़-ए-दस्तजाँबाज़
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