शब्दार्थ

सरापा-नाज़

sarāpā-nāz

hinoun

अर्थ

सिर से पैर तक नज़ाकत या नख़रे का साक्षात् रूप।

विस्तार

यह सामासिक शब्द सिर से पैर तक नाज़-ओ-अदा और नज़ाकत की मूरत को दर्शाता है। ग़ालिब के इस शेर में यह महबूब के अत्यंत कोमल और सुकुमार स्वभाव को रेखांकित करता है, जिससे कोई उजड्ड व्यवहार संभव नहीं है। शायर स्पष्ट करता है कि छेड़छाड़ या शोख़ी की पहल स्वयं उसी की तरफ़ से हुई थी।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'sarāpā' (head to foot, entirely) and 'nāz' (coquetry, grace, delicacy).

प्रयोग

A quintessential epithet in classical Urdu ghazal used to praise the beloved's unblemished elegance and tender disposition.

उदाहरण

वो सरापा-नाज़ जब महफ़िल में आए

उस सरापा-नाज़ की हर अदा निराली है

समानार्थी

पैकर-ए-नाज़मुजस्सम-ए-नाज़नाज़-परवर

संबंधित शब्द

सरापानाज़नज़ाकतनाज़नीन
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