शब्दार्थ
सरापा
sarapa
hiadverb
अर्थ
सिर से पाँव तक, पूरी तरह से, मुकम्मल।
विस्तार
शाब्दिक रूप से 'सिर से पाँव तक' का अर्थ रखने वाला यह शब्द किसी अवस्था के पूर्ण होने या साक्षात स्वरूप को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह आशिक़ के वजूद को पूरी तरह इश्क़ में रेहन या समर्पित होने का भाव देता है। यह दर्शाता है कि उसका समूचा अस्तित्व इस दशा में डूबा हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'sar' (head) and 'pā' (foot), literally meaning from head to foot.
प्रयोग
In ghazal and masnavi poetry, 'sarapa' is often employed to detail the beloved's head-to-toe beauty or to portray the speaker as an embodiment of pain or grief.
उदाहरण
सरापा हुस्न बन कर सामने आना
सरापा दर्द-ओ-ग़म होना
समानार्थी
सर-ता-पामुकम्मलबिलकुलसदा
संबंधित शब्द
सरपासरापा-निगारी
