शब्दार्थ
सर-कशी
sar-kashī
hinoun
अर्थ
विद्रोह, अवज्ञा, घमंड या अकड़।
विस्तार
'सर-कशी' का शाब्दिक अर्थ सिर उठाना या झुकने से इंकार करना है, जो घमंड या नाफ़रमानी को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह युवावस्था की उस अकड़ और विद्रोह की ओर संकेत करता है जिसने शायर को मस्जिद और इबादत से दूर रखा। बुढ़ापे में वही अकड़ा हुआ क़द झुककर मेहराब की तरह सजदे में गिर गया।
व्युत्पत्ति
Persian (sar 'head' + kashīdan 'to draw, pull' + abstract noun suffix -ī).
प्रयोग
In the classical ghazal, it is often juxtaposed against humility (ājizī) or prostration (sajdah) to express defiance toward worldly or divine authority.
उदाहरण
सर-कशी ने हमें किसी के दर का न रहने दिया।
उसकी सर-कशी आख़िरकार इश्क़ के आगे टूट गई।
समानार्थी
नाफ़रमानीबग़ावतअकड़ग़ुरूर
संबंधित शब्द
सरकशसज्दाख़ुद-सरीइताअत
