शब्दार्थ
समझियो
samajhiyo
hiverb
अर्थ
समझना, सोचना या मान लेना (काव्यात्मक आज्ञार्थक रूप)।
विस्तार
यह क्रिया 'समझना' का एक प्राचीन या काव्यात्मक आज्ञार्थक रूप है जो शास्त्रीय शायरी में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शे'र में 'मत' के साथ मिलकर इसका आशय 'मत सोचना' अथवा 'ग़लतफ़हमी में न रहना' है। इसके द्वारा आशिक़ श्रोता को चेतावनी देता है कि ज़ख़्म सिलवाने की उसकी इच्छा को दर्द भूल जाना न समझा जाए।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'sambodhayati' / Prakrit, developed through Old Hindi/Braj Bhasha with the archaic precative-imperative suffix '-iyo'.
प्रयोग
The classical imperative ending '-iyo' is standardly used in early and high classical ghazal for smooth meter and persuasive direct address.
उदाहरण
समझियो मत कि हम भूल गए हैं
इसे ग़नीमत समझियो
समानार्थी
जाननामाननासोचना
संबंधित शब्द
समझना-समझसमझदार
