शब्दार्थ
समझी
samjhī
hiverb
अर्थ
समझा, जाना या विचार किया (स्त्रीलिंग भूतकालिक रूप)।
विस्तार
यह 'समझना' क्रिया का स्त्रीलिंग एकवचन भूतकालिक रूप है। इस शेर में यह 'बाद-ए-सुब्ह' (प्रातःकालीन समीर) के मानवीकरण हेतु प्रयुक्त हुआ है, जिसने यह नहीं समझा कि महबूब को जगाने से ज़माने में फ़ित्ना बरपा हो जाएगा। यह किसी नासमझी या बिना सोचे-समझे किए गए कार्य को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'sambudhyate' (सम् + बुध्, to perceive/understand) through Prakrit 'sambujjhaï' into Old Hindi/Urdu 'samajhnā'.
प्रयोग
In classical ghazal, it is frequently used with personified feminine elements like breeze (bād/sabā) or sight (chashm/nigāh) to express their failure to comprehend love's delicate state.
उदाहरण
बात दिल की वह कभी न समझी
समझी न बाद-ए-सबा नाज़ुकी-ए-गुल
समानार्थी
जानीपहचानीबूझी
संबंधित शब्द
समझसमझनानासमझ
