शब्दार्थ
समाजत
samājat
hinoun (feminine)
अर्थ
दीनतापूर्वक विनती, अनुनय-विनय, गिड़गिड़ाना अथवा मिन्नत।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'समाजत' का अर्थ अत्यंत दीनता से की गई प्रार्थना, खुशामद या अनुनय-विनय होता है। इस शेर में यह प्रेमी की उस अटूट आजिज़ी और मिन्नत को दर्शाता है जिसके कारण तलवारें बरसने पर भी उसने महबूब के क़दमों से अपना सर नहीं उठाया।
व्युत्पत्ति
Arabic (سماجة, originally meaning deformity or foulness); acquired the sense of humble pleading and persistent entreaty in Persian and Urdu.
प्रयोग
Commonly paired in the compound 'minnat-o-samājat' to emphasize the lover's desperate importunity and profound humility before an unyielding beloved.
उदाहरण
हज़ार मिन्नत-ओ-समाजत के बाद भी वो न पसीजे
क़दमों पे सर रखकर समाजत करना
समानार्थी
मिन्नतइल्तिजाआजिज़ीज़ारी
संबंधित शब्द
मिन्नतइल्तिजानियाज़मुल्तजी
