शब्दार्थ

समाई

samāī

hinoun

अर्थ

समाने का भाव, अटाव, गुंजाइश या बर्दाश्त की क्षमता।

विस्तार

काव्य में 'समाई' का अर्थ समाने की क्षमता, गुंजाइश अथवा किसी सीमा में समा जाने का भाव होता है। प्रस्तुत शे'र में इसका आशय ग़मों को दिल में झेलने या समेटने की अंतिम सीमा से है, जहाँ अब और रंज-ओ-अलम की जगह नहीं बची। यह हौसले की तंगी और असहनीय पीड़ा की पराकाष्ठा को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Derived from the Indo-Aryan base seen in Sanskrit 'samāveśa' (entering, absorption) through Prakrit into the Hindustani verb 'samānā' (to fit or be contained).

प्रयोग

In ghazal poetry, 'samaai' is frequently invoked to contrast the boundless immensity of grief or love against the finite capacity of the lover's heart.

उदाहरण

दिल में अब और दर्द की समाई कहाँ

ग़म की समाई अब इस तंगी-ए-दिल में नहीं

समानार्थी

गुंजाइशसमाववोसअत

संबंधित शब्द

समानातंगीहौसला
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