शब्दार्थ
सनम-आश्ना
sanam-aashna
hiadjective
अर्थ
मूर्तियों या सांसारिक महबूब से परिचित अथवा आसक्त।
विस्तार
यह सामासिक पद उस व्यक्ति को दर्शाता है जिसका मन मूर्तियों अथवा सांसारिक महबूब से जुड़ा हुआ हो। सूफ़ी और उर्दू शायरी में 'सनम' बहुधा सांसारिक इच्छाओं या माशूक़ का प्रतीक है। प्रस्तुत शे'र में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि जब हृदय में बुतों का वास हो, तब नमाज़ अदा करना निष्फल है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'صنم' (sanam, idol/beloved) + Persian 'آشنا' (āshnā, acquainted/familiar).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently contrasts superficial religious ritual with true spiritual purification.
उदाहरण
सनम-आश्ना दिल कभी इबादत का लुत्फ़ नहीं पा सकता।
ज़ाहिद का हर सज्दा सनम-आश्ना निगाहों की नज़्र हो गया।
समानार्थी
सनम-परस्तबुत-आश्नाबुत-परस्त
संबंधित शब्द
सनमआश्नाबुत-कदासज्दा
