शब्दार्थ
सन्नाअ
sannā‘
hinoun
अर्थ
कारीगर, दस्तकार, हुनरमंद या शिल्पकार।
विस्तार
इसका अर्थ दस्तकार, कारीगर अथवा हुनरमंद व्यक्ति है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द कला और कौशल रखने वालों के लिए आया है, जो संसार में उपेक्षित और दुर्दशाग्रस्त हैं। शायर स्वयं को भी ऐसे ही हुनरमंदों में गिनते हुए व्यंग्य करता है कि हुनर होना ही सबसे बड़ा ऐब बन गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic, intensive or occupational noun form (fa‘‘āl) from the root ṣ-n-‘ (to make, manufacture, or craft).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it evokes the figure of the skilled creator or artist, often in contrast with a world that fails to appreciate genuine talent.
उदाहरण
सन्नाअ का कमाल
कार-ए-सन्नाअ
समानार्थी
कारीगरदस्तकारहुनरमंदशिल्पी
संबंधित शब्द
सनअतसानेअमसनूअ
