शब्दार्थ
सद-ग़ज़ालाँ
sad-ġhazālāñ
hinoun
अर्थ
सैकड़ों हिरन; सैकड़ों मृगनयनी सुंदरियाँ।
विस्तार
यह फ़ारसी का सामासिक पद है जो 'सद' (सौ) और 'ग़ज़ालाँ' (ग़ज़ाल यानी हिरन का बहुवचन) से मिलकर बना है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में ग़ज़ाल (हिरन) को सुंदर, चंचल और मासूम आँखों का प्रतीक माना जाता है। इस शेर में 'चश्म-ए-सद-ग़ज़ालाँ' का अर्थ सैकड़ों हिरनों की नज़रों या आँखों से है, जिन्हें माशूक़ ने अपने नाज़-ओ-ग़ुरूर में पाँव तले रौंद दिया।
व्युत्पत्ति
Persian: 'sad' (hundred) + Arabic origin 'ġhazāl' (gazelle/deer) with Persian plural suffix '-āñ'.
प्रयोग
Commonly used in classical ghazal as an izafat construction with 'chashm' or 'ram' to depict extreme beauty, charm, or timid flight.
उदाहरण
चश्म-ए-सद-ग़ज़ालाँ
रम-ए-सद-ग़ज़ालाँ
समानार्थी
सद-आहूमृग-समूह
संबंधित शब्द
ग़ज़ालग़ज़ालाचश्म-ए-ग़ज़ालसद
