शब्दार्थ
सतह
Sat'h
hinoun (feminine)
अर्थ
ऊपरी भाग, तल, धरातल या पटल।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'सतह' का अर्थ किसी वस्तु का पटल, बाहरी तल अथवा विस्तीर्ण फैलाव होता है। इस शेर में यह 'सतह-ए-चर्ख़-ए-मीनाई' (नीले आकाश के पटल) के रूप में प्रयुक्त है, जिससे धरती प्रतिस्पर्धा कर रही है। यह शब्द दृश्यमान विस्तार और भव्यता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root s-t-h (س-ط-ح), relating to spreading out, leveling, or expanding flatly.
प्रयोग
In ghazal aesthetics, it is frequently used in genitive constructions like 'sat'h-e-aab' (surface of the water) or 'sat'h-e-falak' (surface of the heavens) to contrast shallow outward appearance with concealed depth.
उदाहरण
सतह-ए-आब पे बहती हुई तहरीर की तरह
नज़र ठहर न सकी हुस्न की सतह के सिवा
समानार्थी
तलधरातलपटलरू
संबंधित शब्द
सतहीमसतूहइस्तिवाह
