शब्दार्थ
सताइश-गर
sata'ish-gar
hinoun
अर्थ
प्रशंसा या स्तुति करने वाला, तारीफ़ करने वाला।
विस्तार
'सताइश-गर' का अर्थ किसी की प्रशंसा या स्तुति करने वाला व्यक्ति है। इस शे'र में यह शब्द ज़ाहिद (तपस्वी) के लिए आया है जो जन्नत के बाग़ की तारीफ़ में लगा रहता है। शायर ज़ाहिद की इस स्तुति की तुलना में प्रेमियों की बे-ख़ुदी को कहीं ऊँचा दर्जा देता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'satāyish' (praise, commendation) and the agentive suffix '-gar' (maker or doer).
प्रयोग
In ghazal poetry, the term frequently characterizes flatterers or the ascetic who eulogizes formal religion, placed in sharp contrast to the genuine mystic lover.
उदाहरण
हुस्न-ए-बे-परवाह का कोई सताइश-गर न था
ज़माना सिर्फ़ हुकूमत का सताइश-गर है
समानार्थी
मद्दाहसना-ख़्वाँतारीफ़-गो
संबंधित शब्द
सताइशमदहसिफ़त
