शब्दार्थ
सड़ी
saṛī
hiadjective
अर्थ
सनकी, विक्षिप्त, पागल या सिरफिरा इंसान।
विस्तार
दहलवी मुहावरे और क्लासिकी उर्दू शायरी में 'सड़ी' का अर्थ सनकी, सिरफिरा या बदहवास व्यक्ति होता है। इस शे'र में मीर की स्थिति को 'ख़ब्ती' और 'मजनूँ' के साथ जोड़ते हुए दीवानेपन की सनक के रूप में पेश किया गया है। यह शब्द प्रेमी की बदहवासी और चिड़चिड़ेपन को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from the Indo-Aryan/Hindustani root 'saṛnā' (to rot or spoil), colloquially extended in Delhi slang to mean an addled, eccentric, or corrupted mind.
प्रयोग
In classical ghazal, colloquial idioms like 'saṛī' bring intimate Delhi street vernacular into high literary discourse to depict the lover's unhinged state.
उदाहरण
लोग कहते हैं उसे ख़ब्ती ओ सड़ी हर दम
सड़ी समझ के तिरी बात टाल देते हैं
समानार्थी
सनकीविक्षिप्तसिरफिरापागल
संबंधित शब्द
ख़ब्तीदीवानासौदामजनूँ
