शब्दार्थ

सज्दा

sajda

hinoun

अर्थ

नमाज़ में माथा टेकना, दंडवत प्रणाम या अत्यधिक आदर

विस्तार

इस्लामी नमाज़ में ज़मीन पर पेशानी टेकने की क्रिया को सज्दा कहते हैं जो ईश्वर के समक्ष पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। उर्दू शायरी में यह शब्द महबूब के प्रति अत्यधिक प्रेम, श्रद्धा और नतमस्तक होने के लिए भी प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में यह उस सुंदर बालक के प्रति लोगों द्वारा आदर और समर्पण प्रकट करने के संदर्भ में आया है।

व्युत्पत्ति

Arabic سَجْدَة (sajdah), from the root s-j-d (س-ج-د), meaning to bow down, kneel, or prostrate.

प्रयोग

In ghazal poetry, sajda often transcends orthodox piety to portray the lover treating the earthly beloved (sanam) as a deity worthy of worship.

उदाहरण

सज्दा-ए-शौक़ में सर झुका ही रहा

तिरी चौखट पे हर दम ये सज्दा रवा है

समानार्थी

प्रणामदंडवतनियाज़

संबंधित शब्द

सजूदसाजिदमस्जिदसज्दागाह
← शब्दकोश पर वापस