शब्दार्थ
सज़ा
sazā
hinoun
अर्थ
दंड, सज़ा या तकलीफ़।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'सज़ा' से आशय उस दंड या यातना से है जो किसी ख़ता, विशेषकर महबूब को देखने की गुस्ताख़ी के बदले भुगतनी पड़ती है। प्रस्तुत शे'र में यह माशूक़ पर बेबाक नज़र डालने के जुर्म में मिलने वाले तावान को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'سزا' (sazā), originally meaning fit, worthy, or suitable, which evolved in Persian and Urdu to mean retribution or punishment.
प्रयोग
Frequently invoked by the lover as an embraced ordeal or romantic consequence of daring to love.
उदाहरण
इश्क़ की ख़ता पर मिली ये सज़ा उम्र भर की
दीदार-ए-यार की सज़ा भी हमें मंज़ूर है
समानार्थी
दंडउक़ूबतताज़ीर
संबंधित शब्द
सज़ा-वारख़तामुजरिमक़ैद
