शब्दार्थ
सख़्त-जानी
saḵht-jānī
hinoun
अर्थ
कष्ट सहने की क्षमता, जिजीविषा या जीवन की कठोरता।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'सख़्त-जानी' आशिक़ के उस जिद्दी जीवन-बल को दर्शाती है जो अत्यधिक पीड़ा और विरह के बाद भी समाप्त नहीं होता, जिससे उसकी व्यथा लंबी खिंचती है। इस शे'र में आशिक़ की यही अत्यधिक सहनशीलता और जीने की कठोरता महबूब की बेबाक और नाज़ुक निगाह में भी भय उत्पन्न कर देती है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'sakht' (hard, firm, harsh) and 'jān' (life, soul) with the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
Frequently used by ghazal poets to ironically lament their inability to die and escape the beloved's torment.
उदाहरण
सख़्त-जानी ने हमें मौत से महरूम रखा
इश्क़ के सदमों में सख़्त-जानी का इम्तिहान
समानार्थी
सहनशीलताजिजीविषाकठोरतादृढ़ता
संबंधित शब्द
सख़्त-जानजान-कनीसबरजाँ-गुदाज़ी
