शब्दार्थ
सक़र
saqar
hinoun
अर्थ
दोज़ख़, नरक या जहन्नम का एक तल।
विस्तार
'सक़र' इस्लामी परंपरा में दोज़ख़ (नरक) या उसके एक ख़ास दहकते हुए दर्जे का नाम है। इस शे'र में इसे 'जन्नत' के बरअक्स रखकर यह दिखाया गया है कि मिलन के परम सुख में भी विरह का भय नरक की यातना बनकर सामने आ खड़ा हुआ।
व्युत्पत्ति
Arabic (سَقَر), derived from the root denoting scorching heat or melting under fire; a proper noun for Hell in the Qur'an.
प्रयोग
In classical ghazal poetry, 'saqar' is occasionally used instead of the more common 'dozakh' to evoke a specific, terrifying contrast to divine bliss or the joy of union.
उदाहरण
सक़र की तपिश
जन्नत ओ सक़र
समानार्थी
दोज़ख़जहन्नमनार
संबंधित शब्द
जन्नतअज़ाबहिज्र
