शब्दार्थ

सकी

saki

hiverb

अर्थ

सकना का स्त्रीलिंग भूतकालिक रूप; कर पाई या हो पाई।

विस्तार

प्रस्तुत शे'र में 'सकी' क्रिया 'सकना' का भूतकालिक स्त्रीलिंग रूप है, जो 'वफ़ा' (स्त्रीलिंग संज्ञा) के साथ अन्वित होकर असमर्थता व्यक्त करता है। यहाँ इसका अर्थ है कि माशूक़ से आज तक वफ़ा न निभाई जा सकी। शास्त्रीय शायरी में यह शब्द अक्सर बेबसी और नाकामी को दर्शाने के लिए नकारात्मक भाव में आता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'शक्नोति' (śaknoti - is able to) via Prakrit 'सक्कइ' (sakkaï) into Hindustani 'सकना' (saknā).

प्रयोग

In Urdu poetry, 'सकी' is widely used as a feminine auxiliary verb paired with negative particles like 'न' to convey tragedy, failure, or insurmountable grief.

उदाहरण

दिल की बात ज़बाँ पर न आ सकी।

हिज्र की रात हमसे काटी न जा सकी।

समानार्थी

पाईकर सकीनिभ सकी

संबंधित शब्द

सकासकेसकना
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