शब्दार्थ
सके
sake
hiverb
अर्थ
समर्थ हुए; कर पाए (सकना का भूतकालिक रूप)।
विस्तार
'सके' सहायक क्रिया 'सकना' का पुल्लिंग बहुवचन भूतकालिक रूप है, जो सामर्थ्य या संभावना को दर्शाता है। प्रस्तुत शे’र में यह 'न खिंच सके' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ है वे 'नाले' (विलाप) जो अदम में खींचे या निकाले न जा सके। यह लाचारी और अव्यक्त रह जाने वाली विवशता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'शक्' (śak, to be able) via Prakrit 'सक्कइ' (sakkaï), evolving into Hindi/Urdu 'सकना'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is predominantly used with negative particles (न / नह) to voice tragic helplessness and unfulfilled longing.
उदाहरण
हम कुछ न कह सके
वो आ न सके
समानार्थी
पाएसमर्थ हुए
संबंधित शब्द
सकनासकतासकी
