शब्दार्थ
सआयत
sa'āyat
अर्थ
चुग़ली, बदगोई, निंदा या शासक से की गई शिक़ायत।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू में 'सआयत' का अर्थ किसी के विरुद्ध की जाने वाली चुग़लख़ोरी, बदगोई या हाकिम के सामने दुर्भावनापूर्ण शिक़ायत है। इस शेर में इसका आशय झूठे इल्ज़ाम या बदगोई के सामने जाने से है, जहाँ शायर अपने पक्ष में हक़ होने के कारण चुपचाप अपनी सच्चाई पर टिका रहता है। यह शब्द दरबारी और आशिक़ाना शायरी में अक्सर रक़ीबों की साज़िशों के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (سِعَايَة), derived from the root س-ع-ي (s-ʿ-y), originally connected to striving or walking fast, evolving into running about to carry malicious reports or backbiting to an authority.
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it denotes the underhanded intrigues and malicious whispers spread by rivals (raqīb) to poison the beloved's ears.
उदाहरण
सआयत-ए-बद-ख़्वाहान
दाम-ए-सआयत
