शब्दार्थ
साहब-दाैलताँ
sahib-e-daulatañ
hinoun (plural)
अर्थ
दौलतमंद या धनवान लोग; रईस लोग।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह शब्द धनवान और सामर्थ्यवान लोगों के बहुवचन के रूप में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में शायर रईसों के एहसान और उनकी दया को अस्वीकार करते हुए अपने आत्मसम्मान और फ़क़ीरी शान को रेखांकित करता है। यह सांसारिक धन-दौलत के घमंड के सामने दरवेशी की गरिमा को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'sahib' (possessor) and 'daulat' (wealth) combined with the Persian plural suffix '-an'.
प्रयोग
Commonly used in ghazals to contrast worldly benefactors with the self-respecting, detached persona of the poet or dervish.
उदाहरण
दरवेश को परवाह नहीं साहब-दौलताँ के जलाल की।
साहब-दौलताँ के एहसान से फ़क़ीरी का गुरूर बेहतर है।
समानार्थी
अहल-ए-दौलतअमीरमालदारधनी
संबंधित शब्द
दौलतअमीरएहसानसाहब
