शब्दार्थ
साहब
sahib
hinoun
अर्थ
श्रीमान, महोदय, मालिक या आदरसूचक उपाधि।
विस्तार
उर्दू साहित्य और तहज़ीब में 'साहब' का प्रयोग सम्मानसूचक उपाधि (श्रीमान) और 'मालिक' दोनों रूपों में होता है। प्रस्तुत शेर में शायर ने अपने नाम के साथ लगे इस प्रतिष्ठित खिताब को 'ग़ुलाम' के विपरीत रखकर गहरा व्यंग्य पैदा किया है। यह दिखाता है कि माशूक़ के दर पर समाज का सम्मानित व्यक्ति भी बेबस सेवक बनकर रह जाता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic ṣāḥib (صَاحِب), originally meaning 'companion', 'associate', or 'possessor/master'.
प्रयोग
Commonly suffixed to poets' pen names or names of nobility as an honorific, often placed in ironic contrast to servitude in ghazals.
उदाहरण
मीर साहब का मकाँ अब किधर है?
साहब-ए-इल्म ओ अदब।
समानार्थी
जनाबमालिकमहोदयआक़ा
संबंधित शब्द
साहिबीसाहिब-ए-कमालमुसाहिब
