शब्दार्थ
साँस
sāns
hinoun (feminine)
अर्थ
श्वास, दम, फेफड़ों से हवा खींचना व छोड़ना।
विस्तार
काव्य में 'साँस' मात्र प्राणवायु नहीं, बल्कि जीवन की नाज़ुकता और नश्वरता का प्रतीक है। इस शेर में साँस लेने जैसे सहज कार्य को भी इतनी सावधानी से करने को कहा गया है ताकि संसार रूपी काँच का कारखाना टूट न जाए। यह अस्तित्व की अत्यधिक नफ़ासत और क्षणभंगुरता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'श्वास' (śvāsa), evolving through Prakrit into Hindustani 'साँस / سانس'.
प्रयोग
In classical ghazal, it frequently symbolizes the counted, limited moments of life or acts as the carrier of sighs of longing.
उदाहरण
गिने जाते हैं साँसों के ख़ज़ाने
अंतिम साँस तक तेरी तमन्ना रही
समानार्थी
दमनफ़सश्वास
संबंधित शब्द
आहहयातनफ़सज़िंदगी
