शब्दार्थ

सँवर

saṁvar

hiverb

अर्थ

सुधरना, ठीक होना, संभलना या सजना।

विस्तार

प्रस्तुत शेर में यह शब्द 'सँवर गए' क्रिया के रूप में बिगड़ी हुई बात या संबंध के सुधरने और ठीक होने का संकेत देता है। यह 'बिगड़े थे' के विरोधाभास के रूप में प्रयुक्त होकर कलह के बाद सुलह की स्थिति दर्शाता है। शायरी में इसका प्रयोग हालात के ठीक होने तथा सौंदर्य के निखरने दोनों अर्थों में होता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit मूल संस्कार / संवृ through Prakrit, developing into Hindustani सँवरना / سنورنا.

प्रयोग

In classical ghazal, it is frequently employed in antithetical juxtaposition with 'बिगड़ना' to reflect fluctuating human emotions and capricious fortune.

उदाहरण

बिखर कर भी तिरे अहद में हालात सँवर गए।

आइना देखकर तिरे गेसू सँवर रहे हैं।

समानार्थी

सुधरनासंभलनानिखरनाआरास्ता होना

संबंधित शब्द

सँवारनासुधारसजना
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