शब्दार्थ
सिवय्याँ
so yaan
hiadverbial phrase
अर्थ
तो यहाँ; जबकि इस हाल में।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू कविता में यह पद 'सो याँ' (سو یاں) का मिला-जुला रूप है, जो 'सो' (तो/अतः) और 'याँ' (यहाँ) से मिलकर बना है। इस शेर में यह विपरीत स्थिति को प्रकट करता है: ग़म उठाने के लिए ताक़त ज़रूरी है, लेकिन यहाँ आशिक के पास न तो दिल में धीरज है और न तन में जान। यह शब्द विवशता और अशक्तता की वर्तमान दशा को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Hindustani combination of the conjunction 'so' (so/thus) and the adverb 'yaan' (here, poetic contraction of 'yahaan').
प्रयोग
In the ghazal, it is traditionally employed as a turn of thought to direct the reader's attention back to the poet's immediate misery.
उदाहरण
सो याँ किसी को अपने ग़म की ख़बर नहीं।
सबर चाहिए था बहुत, सो याँ तो जान भी गई।
समानार्थी
सो यहाँतो यहाँइधर
संबंधित शब्द
तवानाईताबताक़त
