शब्दार्थ
सूरत-बाज़ियाँ
sūrat-bāziyāñ
hinoun, feminine, plural
अर्थ
रूप बदलने के खेल, छलावे या दिखावे।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'सूरत-बाज़ी' का अर्थ रूप बदलने के करतब या मायावी प्रदर्शन से है। प्रस्तुत शेर में यह चार मूल तत्वों (अनासिर) के मेल से बनने वाले भौतिक संसार के नाना प्रकार के रूपों और तिलिस्म को दर्शाता है। यह सांसारिक दृश्य की क्षणभंगुरता और बाज़ीगरी को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'ṣūrat' (face, form, appearance) + Persian '-bāzī' (playing, trick, sport).
प्रयोग
Frequently deployed in Sufistic and philosophical ghazals to evoke the deceptive and ever-shifting spectacle of the phenomenal world.
उदाहरण
जहाँ में हर तरफ़ सूरत-बाज़ियाँ हैं।
अनासिर की अजब सूरत-बाज़ियाँ देखीं।
समानार्थी
शो'बदेतिलिस्मनज़र-बंदीमाया-जाल
संबंधित शब्द
सूरत-बाज़सूरतबाज़ीशो'बदा-बाज़ी
