शब्दार्थ
सूरज
sūraj
hinoun
अर्थ
सूर्य, दिनकर, जगत को प्रकाश देने वाला तारा।
विस्तार
सूरज का तात्पर्य सूर्य अथवा आफ़ताब से है, जो प्रकाश और तेजस्विता का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में सूरज का मानवीकरण कर उसके लिबास (पैरहन) की कल्पना की गई है, जिस पर ज़र्रा चमकता दिखता है। यह महताब और ज़र्रे के साथ मिलकर ब्रह्मांडीय सौंदर्य का बिंब रचता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'sūrya' (सूर्य) through Prakrit 'sūra' into Hindustani 'sūraj'.
प्रयोग
In classical Urdu and Hindustani verse, sūraj commonly contrasts with zarrah (the speck of dust) to emphasize divine majesty against human insignificance.
उदाहरण
सूरज की तजल्ली में हर ज़र्रा चमक उठा
ढलते हुए सूरज का मंज़र
समानार्थी
आफ़ताबख़ुरशीदमेहरशम्स
संबंधित शब्द
किरणधूपज़र्रामहताब
