शब्दार्थ

सुरूर-बख़्श

suroor-bakhsh

hiadjective

अर्थ

आनंद देने वाला, मस्ती या सुरूर पैदा करने वाला।

विस्तार

यह शब्द अरबी-फ़ारसी के मेल से बना यौगिक विशेषण है, जिसका अर्थ है 'आनंद या नशा प्रदान करने वाला'। शास्त्रीय शायरी में यह प्रायः शराब, मौसम या प्रेमिका के दीदार के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में यह बसंत ऋतु के मादक और मस्ती भरे प्रभाव को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'surūr' (joy, intoxication) + Persian root 'bakhshīdan' / agentive suffix '-bakhsh' (bestowing).

प्रयोग

Commonly used in ghazal poetry to evoke the intoxicating beauty of spring (bahaar) or the ecstatic effect of music and wine.

उदाहरण

सुरूर-बख़्श हवाएँ और रिमझिम घटा।

मय-ए-सुरूर-बख़्श से महफ़िल बहक उठी।

समानार्थी

नशा-आवरफ़रहत-बख़्शकैफ़-आवरदिलकश

संबंधित शब्द

सुरूरबख़्शिशमसरूरकैफ़
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