शब्दार्थ

सुराग़

suraagh

hinoun

अर्थ

पता, निशान, खोज या पदचिह्न।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'सुराग़' का आशय किसी राहगीर, महबूब या बीते हुए अहसास के पदचिह्न अथवा निशान से होता है। इस शे'र में इसका अर्थ आह व फ़रियाद की जलन का पता दिल के जले हुए दाग़ से ढूँढना है। शायर दिल के दाग़ को रात के मुसाफ़िर के पदचिह्न के सदृश प्रस्तुत करता है।

व्युत्पत्ति

Turkic (via Persian), originally denoting inquiry, track, or pursuit.

प्रयोग

Commonly employed in the ghazal to depict the lover's quest for an elusive trace of the beloved or a lost caravan.

उदाहरण

सुराग़-ए-रफ़्तगाँ ढूँढना आसान नहीं

न मिला मंज़िल-ए-मक़्सूद का कोई सुराग़

समानार्थी

निशानपताखोजपदचिह्न

संबंधित शब्द

सुराग़-रसाँतफ़तीशनक़्शराह
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